होली के गीत गाओ री। Holi Song - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

होली के गीत गाओ री। Holi Song






सखि! घर आयो कान्हा मेरो, खुशी से होली मनाओ री।
झूम रही हूँ प्रेम दीवानी, तुम संग-संग मेरे झूमो री॥
सखि! घर आयो कान्हा मेरो...

उछलत-कूदत, मचलत डोलूँ, हर्षित मन से झूम रही।
भूल के अपना विरह-बिछोह, प्रिय का दामन चूम रही॥
कभी लगाती गले कान्हा को, कभी अश्रु छलकते नैनन से।
गली-गली मैं शोर मचाती, सुध-बुध हारी चैनन से॥
जाकर हर इक द्वारे कहती, तुम भी मंगल गाओ री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरो, सुंदर चौक पुराओ री॥

जब प्रियतम थे दूर सखी री, पल-पल मन व्याकुल रहता।
मिलन की खातिर ये मेरा दिल, नित प्रति विरह की अग्नि सहता॥
अब सम्मुख है कान्हा मेरे, लाज से आँख चुराती हूँ।
जता के अपना प्रेम उन्हीं से, सुमंगल गीत सुनाती हूँ॥
गाती हूँ मैं मगन होकर, तुम भी सुर मिलाओ री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरो, हर्ष के रंग बरसाओ री॥

आया था जब बसंत सखी, डाल-डाल हरियाली थी।
कोयल गाती थी आँगन में, पर ये बगिया खाली थी॥
फूल खिले थे अमवा पर, पर मन को तनिक न भाते थे।
बिन कान्हा ये ऋतु के रंग, मुझको बहुत रुलाते थे॥
लौटा है फिर से मधुमास, अब फूलों में डुबाओ री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरो, मीठे फाग सुनाओ री॥

काली घटा जब घिरती नभ में, मन विकल हो जाता था।
गरज-गरज के ये बादल, दिल को खूब डराता था॥
निरख दृश्य मैं उनकी याद में, खोई-खोई रहती थी।
'आएंगे वो रंग लेकर', मन को यही कहती थी॥
लेकर आए वो फाग के रंग, तुम भी अंग रंगो री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरो, होली के गीत गाओ री॥

  होली की हार्दिक शुभकामनायें!
                   ....कविता रावत 





44 टिप्‍पणियां:

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

उम्दा होली गीत, आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनायें!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत ही सुंदर होली गीत ,,,

Recent post: रंगों के दोहे ,

Harihar (विकेश कुमार बडोला) ने कहा…

सुन्‍दर होली गीत।

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

बहुर सुन्दर मन-भावन गीत कविता जी -बधाई इस सुन्दर गीत के लिए
latest post भक्तों की अभिलाषा
latest postअनुभूति : सद्वुद्धि और सद्भावना का प्रसार

Shalini kaushik ने कहा…

आया था बसंत जब, डाली-डाली हरियाली थी,
आकर कोयल आंगन में तब, गीत सुमंगल गाती थी।
फूल खिलते बहारों में, सबके ही मन लुभाती थी,
पिय बिनु यह सब तनिक दिल को न भाती थी।।
very nice kavita ji .happy holi to you.

Unknown ने कहा…

कविता जी बहुत ही सुन्दर गीत प्रकृति और जीवन को
झंकृत करता हुआ ,होलो की अग्रिम सुभकामनाएं

बेनामी ने कहा…

होली के गीत गाओ और रंगों में रंग जाओ

मंगल मिलन की हार्दिक शुभकामनाएं

Sushil Bakliwal ने कहा…

होली की हार्दिक मंगलकामनाएँ...

Unknown ने कहा…

very nice song

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुंदर होली गीत .... होली की शुभकामनायें

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut sundar geet kavita jee....happy holi...

Gyan Darpan ने कहा…

बहुत शानदार और उम्दा !
होली की अग्रिम शुभकामनाएँ स्वीकारें !

जब गीदड़ का लाइसेंस अनपढ़ कुत्तों के आगे काम ना आया

vijay ने कहा…

होली के अवसर पर ब्रज की होली के रंग में रंगी होली गीत बहुत सुन्दर लगी ..........................
आपको भी होली की शुभकामनायें!!!!!!!!!!!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत सुन्दर पंक्तियाँ..होली की शुभकामनायें..

Ramakant Singh ने कहा…

होली आई होली आई
कान्हा के संग खेलें होली
ग्वाल बाल संग नाचे राधा
कृष्ण गोपियों की हंसी ठिठोली

आनन्द विक्रम त्रिपाठी ने कहा…

आया बसंत लौट के, फूलों के रंग में मुझे डुबाओ री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरे, खुशी के फाग सुनाओ री।।
बहुत बढियां ,भावपूर्ण चित्रण |

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

वाह! बहुत ख़ूब! होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

गए जब प्रियतम दूर मुझसे नित बैचेन रहती थी,
प्रिय मिलन की बेला को, नित आतुर रहती थी।
अब सम्मुख कान्हा मेरे, नजरें उनसे चुराती हूँ,
जताकर प्रेम उन्हीं से, गीत सुमंगल गाती हूँ।

होली का मौसम ओर कान्हा की ठिठोली न हो, उसका प्रेम किसी न किसी रूप में न हो ... उसका जिक्र न हो तो होली का त्योहार कहां ... अनुपम भाव लिए मधुर गीत ...
आपको होली की बहुत बहुत शुभ-कामनाएं ...

Vaanbhatt ने कहा…

खुबसूरत होली को समर्पित रचना...शुभ होलिकोत्सव...आपको...सपरिवार...

virendra sharma ने कहा…

उत्कृष्ट सांगीतिक गीत फाग का भाषिक माधुरी स्वर और ताल लिए ब्रज की मिठास लिए .


बढ़िया रचना फाग पे .मुबारक फाग फाग की रीत ,फाग की प्रीत ,फाग के लठ्ठ फाग . की भंग ,राग और रंग .शुक्रिया ज़नाब की सौद्देश्य टिपण्णी का .

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

होली की बहुत ही सुंदर रचना, बहुत शुभकामनाएं.

रामराम

Pratibha Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर ...
पधारें " चाँद से करती हूँ बातें "

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत ही सुन्दर गीत कविता जी
आपको होली की बहुत बहुत शुभ-कामनाएं ..

ओंकारनाथ मिश्र ने कहा…

सुन्दर होली गीत. होली की शुभकामनायें.

RAJ ने कहा…

बहुत सुन्दर प्यारा होली गीत..........
Happy HOLI!!!!!

Dr. Sanjay ने कहा…

वाह! बहुत सुन्दर होली गीत......... आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

Surya ने कहा…

बहुत उम्दा सुंदर रचना!!!!!!!!!!!!
होली की हार्दिक शुभकामनायें!

बेनामी ने कहा…

आया था बसंत जब, डाली-डाली हरियाली थी,
आकर कोयल आंगन में तब, गीत सुमंगल गाती थी।
फूल खिलते बहारों में, सबके ही मन लुभाती थी,
प्रिय बिनु यह सब तनिक दिल को न भाती थी।।

आया बसंत लौट के, फूलों के रंग में मुझे डुबाओ री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरे, खुशी के फाग सुनाओ री।।
बहुत सुन्दर कविता जी!
..........................................................................
रंग भरी मस्ती और ब्रज की होली ...तिस पर होली में राधा और कान्हा का जिक्र न हो ऐसा कैसे हो सकता है
.....आपको होली की पुरे परिवार सहित अग्रिम शुभकामनायें

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

होली के गीत हो और श्याम के बिना पूरा हो जाए..पढ़कर आनंद आ गया .सादर

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ...सादर!
--
आपको रंगों के पावनपर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

घिरकर भादो में काली घटायें, मन विकल कर गई थी,
गरज-गरज कर बरसते बादल, दिल झकझौर करती थी।
निरख दृश्य ऐसे उनकी यादों में खोई-खोई रहती थी,
लेकर आयेंगे होली के रंग, बैचेन दिल को समझाती थी।
behad prabhavshali prastuti ke liye aabhar Kavita ji ,

Neeraj Neer ने कहा…

वाह! बहुत ही उत्कृष्ट, बहुत बधाई.
होली के अवसर पर लिखी मेरी रचनाओं पर भी आपका स्वागत है.
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा): होली
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा): होली नयनन की पिचकारी से

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

मन को आह्लादित करती यह उमंग बनी रहे!

मेरा मन पंछी सा ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना...
होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ...
:-)

ZEAL ने कहा…


होली की हार्दिक शुभकामनायें!!!

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर...होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Madan Mohan Saxena ने कहा…


बहुत खूब .सुन्दर प्रस्तुति. आपको होली की हार्दिक शुभ कामना .



ना शिकबा अब रहे कोई ,ना ही दुश्मनी पनपे गले अब मिल भी जाओं सब, कि आयी आज होली है प्रियतम क्या प्रिय क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

Arvind Mishra ने कहा…

उमंग भरा होली गीत -मिलन के चटख रंग से सराबोर

बृजेश नीरज ने कहा…

वाह क्या बात है! बहुत सुन्दर!

रचना दीक्षित ने कहा…

लेकर आए वे होली के रंग, तुम भी मेरे संग रंगो री।
सखि! घर आयो कान्हा मेरे, होली के गीत गाओ री।।

बहुत सुंदर गीत.
आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनाये.

बेनामी ने कहा…

आया था बसंत जब, डाली-डाली हरियाली थी,
आकर कोयल आंगन में तब, गीत सुमंगल गाती थी।
फूल खिलते बहारों में, सबके ही मन लुभाती थी,
प्रिय बिनु यह सब तनिक दिल को न भाती थी।।
...............बहुत-बहुत सुन्दर गीत!!

The Mukhtiars ने कहा…

nice one

Saras ने कहा…

सुन्दर गीत ..!!!

आनन्द विक्रम त्रिपाठी ने कहा…

सुंदर |