नव प्रकाश से आलोकित हो जगती सारी । नव संवत्सर।
कविता रावत
मार्च 26, 2025
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नव संवत्सर नव धरा, नव विहान बीता अतीत अब नव भविष्य नव कल्पना, नव विचार नव संवेदना, नव संरचना संवारे गाँव गरी...
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