शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब लोग हमारे घर के बाहर के बाग-बगीचे की हरियाली देखकर ठहर जाते हैं और उसमें लगे औषधीय पौधों पर चर्चा करते हैं, तो मन को गहरी प्रसन्नता होती है। यह खुशी इसलिए भी विशेष है कि अधिकांश सरकारी मकानों में बाग-बगीचे विरले ही देखने को मिलते हैं। कारण यही है कि लोग सोचते हैं – “घर तो अपना नहीं, फिर क्यों मेहनत करें।” इन सोचों और हतोत्साहन के बावजूद हमने अपने सरकारी घर के बाहर की ऊबड़-खाबड़, बंजर भूमि को हरियाली से भर दिया। दो-ढाई हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में सैकड़ों फल-फूल और औषधीय पौधे लगाए, जो राहगीरों का ध्यान बरबस अपनी ओर खींच लेते हैं।
- सामान्यतः लोग रामा और श्यामा तुलसी को ही जानते हैं, पर हमने इस विशिष्ट तुलसी को उगाया है।
- ग्रीस की 10 फीट 12 5 इंच की गिनीज रिकॉर्डधारी तुलसी से भी बड़ी, लगभग 12 फीट ऊँची तुलसी हमारी बगिया का चमत्कार है।
- इसके साथ ही 5 से 11 फीट ऊँचाई वाली कई तुलसी के पौधे भी लगातार बढ़ रहे हैं।- इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि यह हर मौसम में हरी-भरी रहती है, जबकि सामान्य तुलसी ठंड में पाले से नष्ट हो जाती है।
-यह तुलसी रामा और श्यामा तुलसी की तरह ही औषधीय गुणों से भरपूर है। हमें यह बताते हुए गर्व है कि हमारे बगीचे में उगी तुलसी ने अभूतपूर्व ऊँचाई प्राप्त की है। यह केवल एक पौधा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, प्रकृति सेवा और सामुदायिक भावना का जीवंत प्रतीक है।
तुलसी भारतीय परंपरा में पवित्रता, स्वास्थ्य और सेवा का प्रतीक है। यह पौधा हमारे घरों और मंदिरों में आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। तुलसी का औषधीय महत्व आयुर्वेद में अमूल्य है।
हमारी तुलसी ने 12 फीट की ऊँचाई प्राप्त की है। इस उपलब्धि को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए हम आधिकारिक आवेदन कर रहे हैं।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों और प्रकृति सेवा का सामूहिक उत्सव है।
हम चाहते हैं कि यह रिकॉर्ड दुनिया को बताए कि भारतीय संस्कृति में पौधों का सम्मान और संरक्षण कितना गहरा है।
हमारी रिकॉर्ड-ब्रेकिंग तुलसी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी कि वे प्रकृति से जुड़ें, उसे संजोएँ और सेवा को जीवन का आधार बनाएँ।
तुलसी का शास्त्रीय प्रमाण और औषधीय गुण
- चरक संहिता: तुलसी हिचकी, खाँसी, विष विकार, पसली का दर्द मिटाती है; पित्त, कफ और वायु का शमन करती है।
- भाव प्रकाश: तुलसी हृदय के लिए हितकर, त्वचा रोगों में लाभकारी, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र विकार मिटाने वाली है।
- पुराणों में: तुलसी को सर्वदेव निवास का स्थान बताया गया है। जहाँ तुलसी का पौधा होता है, वहाँ ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित सभी देवताओं का वास माना गया है।
... कविता रावत




2 टिप्पणियां:
स्तुत्य प्रयास - वाह
वाह!! सराहनीय कार्य है मैम। पेड़ पौधे जितने लगें उतने कम हैं। आप बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं।
एक टिप्पणी भेजें