स्वार्थ की छाया
कविता रावत
अप्रैल 01, 2025
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भरे-पूरे परिवार के आंगन में जब, किसी की खुशियां बेबसी में सिमट जाती हैं, तो हृदय पर गहरी चोट लगती है। अचरज है कि क्यों कोई अपने ही घर मे...
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