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सोमवार, 31 अगस्त 2026

बुधवार, 29 जनवरी 2025

वो वसंत की चितचोर डाली।

जनवरी 29, 2025 34
कुछ शर्माती कुछ सकुचाती जब आती बाहर वो नहाकर मन ही मन कुछ कहती उलझे लट सुलझा सुलझाकर झटझट झटझट झरझर झरझर बूंदें गिरतीं बालों से पल-पल दिखतीं...
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रविवार, 17 नवंबर 2024

लाख बहाने पास हमारे we have million excuses। हिन्दी गीत

नवंबर 17, 2024 2
लाख बहाने पास हमारे कैसा फैला झूठा रोग जितने रंग बदलता गिरगिट उतने रंग बदलते लोग नहीं पता कब किसको किसके आगे रोना-झुकना रंग बदलती दुनिया में...
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