Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शनिवार, 18 मई 2013

फाख्ता का घर-परिवार। मेरे आँगन की सहचरी घुघुती

मई 18, 2013 56
बचपन की दहलीज और भोली फाख्ता बचपन की यादों के झरोखे में आज भी वह दृश्य जीवंत है, जब घर-आँगन, खेतों की मेड़ों और जंगल की पगडंडियों पर वह श...
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मंगलवार, 30 अप्रैल 2013

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

लोकहित में सानुरोध अपील

अप्रैल 26, 2013 35
हमारे गढ़वाल क्षेत्र का एक करीबी परिवार जो कि गांव में ही रहता है। जो कि गत सप्ताह  दिल्ली स्थित अपने एक निकट सम्बन्धी के विवाह समारोह मे...
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गुरुवार, 18 अप्रैल 2013

रविवार, 7 अप्रैल 2013

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

परीक्षा और बच्चों को पढ़ाने की कला

फ़रवरी 22, 2013 46
संस्कृत में परीक्षा शब्द की व्युत्पत्ति है- 'परितः सर्वतः, ईक्षणं-दर्शनम् एव परीक्षा।'  अर्थात् सभी प्रकार से किसी वस्तु या व्यक्...
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रविवार, 3 फ़रवरी 2013

बुधवार, 23 जनवरी 2013

पलायन: एक अनिश्चित राह की ओर

जनवरी 23, 2013 53
अंततः देबू के धैर्य का बांध टूट गया और उसने घर की दहलीज लांघने का कठिन निश्चय कर लिया। आधी रात का सन्नाटा था, मन भारी था, पर संकल्प अडिग...
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शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

गुलाबों के दरबार में कुछ स्मृतियां

जनवरी 11, 2013 46
गुलाब को फूलों के राजा के रूप में यूँ ही नहीं  नवाजा गया है।  मौसम कोई भी हो कड़ाके के गर्मी हो या ठण्ड हर मौसम में राजसी शान-ओ-शौकत और ...
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शनिवार, 29 दिसंबर 2012

गुरुवार, 29 नवंबर 2012

संस्मरण: यादों की बारात और बदलता दौर

नवंबर 29, 2012 52
बचपन की वो भोली खुशियाँ      बचपन में जब कभी किसी की शादी का न्यौता मिलता, तो मन मयूर नाच उठता था। ऐसा लगता मानो किसी 'शाही भोज'...
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सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

नवरात्र-दशहरे के रंग बच्चों के संग

अक्टूबर 22, 2012 54
मार्कण्डेय पुराण के ‘देवी माहात्म्य‘ खण्ड ‘दुर्गा सप्तशती‘ में वर्णित शक्ति की अधिष्ठात्री देवी के नवरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द...
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