कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Friday, December 25, 2009

कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

आपस में कोई बैर भाव न रहे
न रहे कोई जात-पात का बंधन
हर घर आँगन में बनी रहे खुशहाली
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

तोड़कर नफरत भरी सब दीवारें
बस एक भाव रहे, वह हो प्रेमबंधन
ऊँच-नीच का भाव मिटे जहाँ से
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

श्रेष्ठता सवर्धन के हों प्रयास
और निकृष्टता का हो उन्मूलन
मिटे संकीर्ण स्वार्थपरता का भाव
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

अन्तःकरण से सदभाव उपजकर
सद्ज्ञान, सदाचरण का हो जतन
मिटे बुद्धिबल, धनबल घमंड जहाँ से
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

उछ्रंखलता उद्धत उदंड न बने कभी
न हो कभी शालीनता का शमन
अवांछनीयता, अनैतिकता न हो हावी
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

मरुस्थली अन्तःस्थल में भरें संवेदना
सहयोग, त्याग, उदारता से भर जाय मन
परस्पर विरोध-विग्रह दूर हों सभी के
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

बीज सा गलकर फिर बने वृक्ष
धरकर परमार्थव्रत करें नवसर्जन
समभाव दिखे सबको दुःख-सुख
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

Kavita Rawat

30 comments:

  1. अन्तःकरण से सदभाव उपजकर
    सद्ज्ञान, सदाचरण का हो जतन
    मिटे बुद्धिबल, धनबल घमंड जहाँ से
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन.

    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ.
    आपको नव वर्ष की मंगल कामनाएं...!

    --
    शुभेच्छु

    प्रबल प्रताप सिंह

    कानपुर - 208005
    उत्तर प्रदेश, भारत
    मो. नं. - + 91 9451020135

    ईमेल-
    ppsingh81@gmail.com
    ppsingh07@hotmail.com
    ppsingh07@yahoo.com

    prabalpratapsingh@boxbe.com

    ब्लॉग - कृपया यहाँ भी पधारें...
    http://prabalpratapsingh81.blogspot.com
    http://prabalpratapsingh81kavitagazal.blogspot.com

    http://www.google.com/profiles/ppsingh81
    http://en.netlog.com/prabalpratap
    http://www.mediaclubofindia.com/profile/PRABALPRATAPSINGH
    http://navotpal.ning.com/profile/PRABALPRATAPSINGH
    http://bhojpurimanchjnu.ning.com/profile/PRABALPRATAPSINGH
    http://www.successnation.com/profile/PRABALPRATAPSINGH
    http://prabalpratapsingh81.thoseinmedia.com/
    मैं यहाँ पर भी उपलब्ध हूँ.
    http://twitter.com/ppsingh81
    http://ppsingh81.hi5.com
    http://www.linkedin.com/in/prabalpratapsingh
    My profile address:
    http://www.pageflakes.com/ppsingh81/p
    My Pagecast address:
    http://www.pageflakes.com/ppsingh81
    http://thoseinmedia.com/members/prabalpratapsingh
    http://www.birthdayalarm.com/dob/85420908a292859852b363
    http://www.rupeemail.in/rupeemail/invite.do?in=NTEwNjgxJSMldWp4NzFwSDROdkZYR1F0SVVSRFNUMDVsdw==

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ.
    आपको नव वर्ष की मंगल कामनाएं...!

    ReplyDelete
  3. KAVITA JI
    नमस्कार!

    आदत मुस्कुराने की तरफ़ से
    से आपको एवं आपके परिवार को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    Sanjay Bhaskar
    Blog link :-
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    ReplyDelete
  4. आपको बड़ादिन और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
  5. अन्तःकरण से सदभाव उपजकर
    सद्ज्ञान, सदाचरण का हो जतन
    मिटे बुद्धिबल, धनबल घमंड जहाँ से
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

    bahut sunder panktiya .
    marry christmas !

    ReplyDelete
  6. मरुस्थली अन्तःस्थल में भरें संवेदना
    सहयोग, त्याग, उदारता से भर जाय मन
    परस्पर विरोध-विग्रह दूर हों सभी के
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन
    ........आमीन ! नए वर्ष की शुभकामनायें

    ReplyDelete
  7. अन्तःकरण से सदभाव उपजकर
    सद्ज्ञान, सदाचरण का हो जतन
    मिटे बुद्धिबल, धनबल घमंड जहाँ से
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन
    और

    बीज सा गलकर फिर बने वृक्ष
    धरकर परमार्थव्रत करें नवसर्जन
    समभाव दिखे सबको दुःख-सुख
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन
    कविता जी बहुत ही सुन्दर ऐर सार्थक सन्देश देती रचना है बहुत बहुत बधाई और नया साल मुबारक हो । बहुत अच्छा लिखती हो आने वाले समय मे बहुत आगे जाओ यही आशीर्वाद है

    ReplyDelete
  8. बीज सा गलकर फिर बने वृक्ष
    धरकर परमार्थव्रत करें नवसर्जन
    समभाव दिखे सबको दुःख-सुख
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन ....

    बहुत ही सुंदर, सार्थक और आशा का संचार और संदेश देती रचना है .........
    नव वर्ष . रोशनीले कर आए इसी उमीद के साथ आपको भी नव वश् की बहुत बहुत शुभ कामनाएँ ..........

    ReplyDelete
  9. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  10. बीज सा गलकर फिर बने वृक्ष
    धरकर परमार्थव्रत करें नवसर्जन
    समभाव दिखे सबको दुःख-सुख
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन

    sundar * * * * *

    ReplyDelete
  11. नए वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ देरी से ही सही मगर क्रिसमस की भी बहुत बहुत शुभकामनाये स्वीकार करे /

    ReplyDelete
  12. उछ्रंखलता उद्धत उदंड न बने कभी
    न हो कभी शालीनता का शमन

    काश्

    ReplyDelete
  13. nai urja se bhrpoor yh rchna bahut sundar lgi
    aapki in ashao ko gti mile inhi shubhkamnao ke sath navvarsh ka abhinandan.

    ReplyDelete
  14. मिटे संकीर्ण स्वार्थपरता का भाव
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन
    ... सुन्दर अभिनंदन !!!!

    ReplyDelete
  15. सुन्दर रचना. नव वर्ष मंगलमय हो!

    ReplyDelete
  16. नया साल...नया जोश...नई सोच...नई उमंग...नए सपने...आइये इसी सदभावना से नए साल का स्वागत करें !!! नव वर्ष-2010 की ढेरों मुबारकवाद !!!

    ReplyDelete
  17. सुंदर शब्दों से सजी उत्तम भाव लिए उत्कृष्ट रचना, शुभकामनाएं. आपको तथा पाठकों को नव वर्ष २०१० मंगलमय हो.

    ReplyDelete
  18. नए साल में हिन्दी ब्लागिंग का परचम बुलंद हो
    स्वस्थ २०१० हो
    मंगलमय २०१० हो

    पर मैं अपना एक एतराज दर्ज कराना चाहती हूँ
    सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर के लिए जो वोटिंग हो रही है ,मैं आपसे पूछना चाहती हूँ की भारतीय लोकतंत्र की तरह ब्लाग्तंत्र की यह पहली प्रक्रिया ही इतनी भ्रष्ट क्यों है ,महिलाओं को ५०%तो छोडिये १०%भी आरक्षण नहीं

    ReplyDelete
  19. haar pankti asarkari...arth habd snyojan sundar hai..

    ReplyDelete
  20. इस खुबसूरत रचना के लिए बहुत बहुत आभार
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ................

    ReplyDelete
  21. आप को नव वर्ष 2014 की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ!

    कल 02/01/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  22. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ.
    नव वर्ष की मंगल कामनाएं...!

    ReplyDelete
  23. अति सुन्दर ..

    बीज सा गलकर फिर बने वृक्ष
    धरकर परमार्थव्रत करें नवसर्जन
    समभाव दिखे सबको दुःख-सुख
    कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये :)

    ReplyDelete
  24. खुबसूरत रचना. आपको भी 'नूतनवर्षाभिनंदन'

    ReplyDelete
  25. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 30 दिसम्बर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    ReplyDelete
  26. बहुत सुंदर प्रस्तुति

    ReplyDelete
  27. बहुत सुंदर प्रस्तुति

    ReplyDelete
  28. आशावादी रचना।
    सुन्दर प्रस्तुति।बधाई एवं नव वर्ष की शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
  29. नव वर्ष के लिए उत्तम भावों से सजी सुंदर प्रार्थना..

    ReplyDelete