सौभाग्य जब भी आए वही उसका सही समय होता है - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Wednesday, March 17, 2010

सौभाग्य जब भी आए वही उसका सही समय होता है

मामूली दुश्मन या घाव की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए
दुश्मन अगर चींटीं भी हो तो उसे हाथी समझना चाहिए

भेड़िये की मौत पर भेड़ अपनी खैर मनाता है
कुत्ते की मौत पर भेडिया नहीं रोया करता है

शैतान की मौत से इंसान को सुकूं मिलता है
दुश्मनी में अक्सर आदमी दिन-रात जागता है

अक्ल की बात दुश्मन से भी सीखी जा सकती है
अक्सर दुश्मनी आदमी को समझदार बना देती है

बिगाड़ने में नहीं बनाने में बहुत समय लगता है
शुभ कार्य हेतु कोई मुहूर्त नहीं निकाला जाता है

सौभाग्य जब भी आए वही उसका सही समय होता है
उसी की हँसी सबको भली लगे जो अंत में हँसता है

                                                  -कविता रावत

14 comments:

विजयप्रकाश said...

बहुत सी उपयोगी बातें...धन्यवाद
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें.

Apanatva said...

sahee bate acchee lagee.......

कडुवासच said...

...बहुत सुन्दर,प्रसंशनीय!!!

मनोज कुमार said...

महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने को मिली ।
उपयोगी जानकारी पढ़ने को मिली

रचना दीक्षित said...

ये हुई एक जबरदस्त बात पर इसे अगर सर खोल कर भी अन्दर रख दें तो भी ये न जाने क्यों अमल में आ नहीं पातीं, या तो हम समझाना नहीं चाहते या वक़्त नहीं देते

रश्मि प्रभा... said...

सौभाग्य जब भी आए वही उसका सही समय होता है
उसी की हँसी सबको भली लगे जो अंत में हँसता है
sach kaha

mukti said...

अरे !!! ये तो कई सारे छोटे-छोटे फूलों का गुलदस्ता है. हर वाक्य अपने में सम्पूर्ण.

Yogesh Verma Swapn said...

umda rachna.

Akhilesh pal blog said...

achha kaha aap ne

डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar said...

सुन्दर भावों की सहज अभिव्यक्ति-----

daanish said...

हर बात
सुनहरे बोल
हर विचार
ह्रदय में समाने वाला

आभार .

दिगम्बर नासवा said...

अक्ल की बात दुश्मन से भी सीखी जा सकती है
अक्सर दुश्मनी आदमी को समझदार बना देती है ...

हक़ीकत को झेल कर ऐसी सत्य बातें बाहर आती हैं .....
बहुत अच्छा लिखा है ......

shama said...

अक्ल की बात दुश्मन से भी सीखी जा सकती है
अक्सर दुश्मनी आदमी को समझदार बना देती है
kitna sahi kaha aapne!

Satish Saxena said...

कमाल की रचना है ! बेहद उपयोगी कविता जी