कलाल की दुकान पर पानी पीओ तो शराब का गुमान होता है - KAVITA RAWAT
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Monday, July 27, 2020

कलाल की दुकान पर पानी पीओ तो शराब का गुमान होता है

कलाल की दुकान पर पानी पीओ तो शराब का गुमान होता है 
फूलों के कारण माला का धागा भी पावन हो जाता है 
अच्छा पड़ोसी मूल्यवान वस्तु से कम नहीं होता है 
देने वाले का हाथ सदा लेने वाले से ऊँचा रहता है 
एक नेक काम के कई दावेदार निकल आते हैं 
कुत्तों के संगत में रहे तो पिस्सू चिपट जाते हैं  
ऊँट अपनी कूबड़ को कभी नहीं देखता है 
पराई थाली में घी ज्यादा दिखाई देता है 
जो ऊँट बार-बार मक्का यात्रा करे उसकी टाँग टूट जाती है 
दुश्मन के ख़ेमे में फूट पड़े तो उसकी हार निश्चित होती है 
... कविता रावत 


  

17 comments:

Meena Bhardwaj said...

बहुत सुन्दर जीवनोपयोगी उक्तियों से सजी सुन्दर पोस्ट .

Anuradha chauhan said...

बहुत सुंदर और सार्थक सृजन आदरणीया

Digvijay Agrawal said...

आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 27 जुलाई 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Jyoti Dehliwal said...

लोकोक्तियों का उपयोग कर सृजित की गई बहुत ही सुंदर कविता,दी।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

सार्थक और रोचक सृजन।

सुशील कुमार जोशी said...

बढ़िया है :)

hindiguru said...

सुन्दर सृजन

Kamini Sinha said...

सादर नमस्कार,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा मंगलवार (२८-७-२०२०) को
"माटी के लाल" (चर्चा अंक 3776)
पर भी होगी।आप भी सादर आमंत्रित है

विश्वमोहन said...

वाह!!! बहुत बढ़िया, लोकोक्ति का शक्ल लेती रचना!

अनीता सैनी said...

वाह !लाजवाब लिखा आदरणीय दी ।

MANOJ KAYAL said...

सुंदर कविता

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

सच्चाइयां

ANIL DABRAL said...

अच्छा पड़ोसी मूल्यवान वस्तु से कम नहीं होता है
देने वाले का हाथ सदा लेने वाले से ऊँचा रहता है
बहुत सुन्दर

Marmagya - know the inner self said...

आ कविता जी, नमस्ते ! बहुत सुन्दर उक्तियाँ ! आपका ब्लॉग एड्रेस मैंने अपने ब्लॉग के रीडिंग लिस्ट में डाल दिया है। आप मेरे ब्लॉग "marmagya net "पर मेरी रचनाएँ भी पढ़ें और अपने विचारों से अवगत कराएं ! सादर ! -- ब्रजेन्द्र नाथ

Alaknanda Singh said...

बहुत सच्ची बात कही क‍ि ''अच्छा पड़ोसी मूल्यवान वस्तु से कम नहीं होता है''... बहुत खूब ल‍िखा कव‍िता जी

Swarajya karun said...

बेहतरीन और विचारणीय पंक्तियां ।आभार ।

Shailendra Singh Negi said...

प्रेरक प्रस्तुति