मतलबी इंसान से पालतू कुत्ता भला होता है - KAVITA RAWAT
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Wednesday, February 26, 2020

मतलबी इंसान से पालतू कुत्ता भला होता है

जिस धारा का पानी पिया उसे बहुत कम लोग याद रखते हैं
जिसकी रोटी खायी उसके गीत गाने वाले विरले मिलते हैं

जो पेड़ छाया प्रदान करता है उसकी जड़ नहीं काटनी चाहिए
जिस कुएं से पानी लिया हो उसमें पत्थर नहीं फेंकना चाहिए

उस पेड़ के कटने की दुआ मत करो जो सबको धूप से बचाती है
धिक्कार उस मुर्गी को जो इस घर खाकर उस घर अंडे दे आती है

काला कौआ पालोगे तो वह चोंच मारकर तुम्हारी आंख फोड़ देगा
सांप को कितना भी दूध पिला दो फिर भी वह डसना नहीं भूलेगा

गुरु की विद्या उन्हीं पर चला देने वाले बहुतेरे मिलते हैं
गोद में बैठकर आंख में उंगली करने वाले भी रहते हैं

तलवार अपनी म्यान को कभी नहीं काटती है
उपकार की परछाई बहुत लम्बी होती है

एहसान का बोझ सबसे भारी लगता है
मतलबी इंसान से पालतू कुत्ता भला होता है

.....कविता रावत


6 comments:

yashoda Agrawal said...

आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज बुधवार 26 फरवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Anonymous said...

बढ़िया

दिलबागसिंह विर्क said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 27.02.2020 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3624 में दिया जाएगा। आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी।

धन्यवाद

दिलबागसिंह विर्क

Jyoti Dehliwal said...

बिल्कुल सही।

Sudha Devrani said...

वाह!!!!
लाजवाब ...

जितेन्द्र माथुर said...

कविता सराहनीय है और उसमें अभिव्यक्ति विचार पूर्णतः सही हैं । सत्यपरक रचना के सृजन के लिए अभिनंदन आपका ।