दीपावली के उपहार
कविता रावत
अक्टूबर 31, 2024
0
ये जो शहर की तंग गली-कूचों से लेकर कच्ची-पक्की सड़कों के किनारे बहुमंजिला इमारतों; बंगलो, मकानों से सालभर का जमा पुराना कबाड़ बाहर निकल आता ...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: