Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

गुलाब के आँगन में: एक स्मरणीय संध्या

जनवरी 11, 2013 46
गुलाबों के दरबार में कुछ स्मृतियां गुलाब को फूलों के राजा के रूप में यूँ ही नहीं  नवाजा गया है।  मौसम कोई भी हो कड़ाके के गर्मी हो या ठण...
और पढ़ें>>

शनिवार, 29 दिसंबर 2012

गुरुवार, 29 नवंबर 2012

संस्मरण: यादों की बारात और बदलता दौर

नवंबर 29, 2012 52
बचपन की वो भोली खुशियाँ      बचपन में जब कभी किसी की शादी का न्यौता मिलता, तो मन मयूर नाच उठता था। ऐसा लगता मानो किसी 'शाही भोज'...
और पढ़ें>>

सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

नवरात्र-दशहरे के रंग बच्चों के संग

अक्टूबर 22, 2012 54
मार्कण्डेय पुराण के ‘देवी माहात्म्य‘ खण्ड ‘दुर्गा सप्तशती‘ में वर्णित शक्ति की अधिष्ठात्री देवी के नवरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द...
और पढ़ें>>

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

होंठों पर तैरती मुस्कान!

अक्टूबर 11, 2012 53
हर शासकीय अवकाश के दिन सरकारी कामकाज  के लिए दफ्तर पूरी तरह से बंद हों, इस बात का पता लगाना आम आदमी के लिए कोई हँसी खेल का काम तो कतई नह...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 25 सितंबर 2012

मंगलवार, 14 अगस्त 2012

रविवार, 29 जुलाई 2012

संस्कृति, पर्व और जीवन का उल्लास: रक्षाबंधन के बदलते आयाम

जुलाई 29, 2012 48
किसी भी देश की संस्कृति उसका हृदय और मस्तिष्क दोनों होती है। जनमानस आनंदपूर्वक और प्रसन्नता से जीवन यापन कर सके—यही जीवन का परम लक्ष्य है...
और पढ़ें>>

क्या आपको यह रचना पसंद आई?

ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: