Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शनिवार, 7 नवंबर 2020

व्रतों और मौसम के बीच सन्तुलन

नवंबर 07, 2020 4
  सभी धर्मावलम्बी, किसी न किसी रूप में वर्ष में कभी न कभी उपवास अवश्य रखते हैं। इससे भले ही उनकी जीवनी-शक्ति का जागरण न होता होगा किन्तु धार...
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रविवार, 20 सितंबर 2020

पोकेमॉन चक्र (जीवन का सार)

सितंबर 20, 2020 18
लक्ष्य की ओर बढ़ती हुई, इन राहों पर चलना है, गिरना है, संभलना है, पर डगर को नहीं तजना है। कदम रुकने न पाएँ हमारे, यही मन में ठाना है, चाहे जो...
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सोमवार, 14 सितंबर 2020

हिन्दी तथा प्रादेशिक भाषा भाषियों के विरुद्ध अंग्रेजी परस्तों की साजिश

सितंबर 14, 2020 10
हमारा देश जब अंग्रेजों की दासता से मुक्ति पाने जा रहा था, हमारे स्वतंत्रता सैनानियों/जन नेताओं ने एक संविधान सभा का गठन किया, ताकि एक संविधा...
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शनिवार, 22 अगस्त 2020

कोरोना काल में गणेशोत्सव

अगस्त 22, 2020 11
  हर वर्ष ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के प्रथम पूज्य देव गणपति जी के जन्मोत्सव का सभी को प्रतीक्षा रहती है। बच्चों को गणेश जी की अलग-अलग प्रकार...
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शुक्रवार, 5 जून 2020

कोरोना काल और बच्चों की दुनिया

जून 05, 2020 13
कोरोना ने पूरी दुनिया में हाहाकर मचा रखी है। इस वैश्विक महामारी ने मानव अस्तित्व की चूलेँ हिला कर रख छोड़ी है।  इस महामारी ने अमीर-गरीब, वर्ण...
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रविवार, 31 मई 2020

तम्बाकू सी मोहिनी ..... लम्बे-चौड़े पात

मई 31, 2020 13
कभी गांव में जब रामलीला होती और उसमें राम वनवास प्रसंग के दौरान केवट और उसके साथी रात में नदी के किनारे ठंड से ठिठुरते हुए आपस में हुक्का ...
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शुक्रवार, 1 मई 2020

विवशता की यात्रा: एक भटकती आत्मा की खोज

मई 01, 2020 22
जीवन में 'पेट की आग' सबसे बड़ी प्रेरक और विवशता है। कहावत है कि भूख की मार तलवार की धार से भी अधिक तीक्ष्ण होती है, जो व्यक्ति को नै...
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सोमवार, 20 अप्रैल 2020

मौत तारीख देखकर नहीं आती है

अप्रैल 20, 2020 12
सबकुछ मिट्टी से पैदा होकर फिर उसी में मिल जाता है राजा हो या रंक सबका अंत एक-सा होता है। उसी का जीवन सार्थक है जो गलतियों से फायदा उठाता ...
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गुरुवार, 12 मार्च 2020

मंगलवार, 3 मार्च 2020

बुधवार, 1 जनवरी 2020

शनिवार, 28 दिसंबर 2019

गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

पोकेमॉन चक्र (हिंदी में)

दिसंबर 19, 2019 4
“अप्रैल की सुहानी सुबह फूलों की खुशबू और आकाश में चमकते सूरज के साथ सभी प्यारे पोकेमाॅन हो, तब बच्चों के अपने नए पोकेमाॅन को चुनने के लि...
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