हमेशा के डर से उससे एक बार गुजर जाना भला - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Friday, April 13, 2018

हमेशा के डर से उससे एक बार गुजर जाना भला

गर्म पानी से झुलसा कुत्ता ठण्डे पानी से भी डरता है
चूने से मुँह जले वाले को दही देखकर डर लगता है

रीछ से डरा आदमी कंबल वाले को देख डर जाता है
दूध का जला छाछ को फूँक-फूँक कर पीता है

ईश्वर से न डरने वाले से सभी को डर लगता है
आग में झुलसा हुआ बच्चा आग से डरता है

जिससे बचना मुश्किल हो, उससे मूर्खता है डरना
कल क्या हो यह सोचकर आज क्यों डर के रहना

दुष्ट को क्षमा नहीं डर दिखाकर बस में करना भला
हमेशा के डर से उससे एक बार गुजर जाना भला

23 comments:

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

अभी तो सिर्फ दूध वाला ही सुना....:-)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज शनिवार (14-04-2017) को "डा. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती" (चर्चा अंक-2940) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (14-04-2017) को "डा. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती" (चर्चा अंक-2940) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

सुशील कुमार जोशी said...

सुन्दर

Sudha Devrani said...

दुष्ट को क्षमा नहीं डर दिखाकर बस में करना भला...बहुत सटीक, सुन्दर सार्थक...
वाह!!!

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के शहीदों की ९९ वीं बरसी “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Unknown said...

डर शब्द का खूबसूरत प्रयोग
वाह! बहुत सुन्दर .........

Digvijay Agrawal said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 16 अप्रैल 2018 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Onkar said...

बहुत सुन्दर

Sweta sinha said...

बहुत सुऔदर अभिव्यक्ति।

'एकलव्य' said...

निमंत्रण

विशेष : 'सोमवार' १६ अप्रैल २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच अपने साप्ताहिक सोमवारीय अंक में ख्यातिप्राप्त वरिष्ठ प्रतिष्ठित साहित्यकार आदरणीया देवी नागरानी जी से आपका परिचय करवाने जा रहा है। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/



टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

Anchal Pandey said...

वाह बेहद उम्दा

NITU THAKUR said...

बहुत खूबसूरत .... बहुत खूब

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' said...

बेहद उम्दा रचना.....

Unknown said...

We are urgently in need of kidney donors in Kokilaben Hospital India for the sum of $500,000,00, (3 CRORE INDIA RUPEES) All donors are to reply via Email only: hospitalcarecenter@gmail.com or Email: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
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हमें कॉकैलेबेन अस्पताल के भारत में 500,000,000 डॉलर (3 करोड़ रुपये) की राशि के लिए गुर्दे के दाताओं की तत्काल आवश्यकता है, सभी दाताओं को केवल ईमेल के माध्यम से उत्तर देना होगा: hospitalcarecenter@gmail.com या ईमेल: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
व्हाट्सएप +91 7795833215

Ajabgajabjankari said...

बहुत ही बढ़िया लाइन्स प्रस्तुत की.

shashi purwar said...

sundar abhivyakti kavita ji namskar bahut dinon baad aapka blog mila .

संजय भास्‍कर said...

दुष्ट को क्षमा नहीं डर दिखाकर बस में करना भला
हमेशा के डर से उससे एक बार गुजर जाना भला
........... बेहद उम्दा लिखा है कविता दी !!

Hindikunj said...

bahut acchi rachna hai .

Satish Saxena said...


वाह !
बेहतरीन अभिव्यक्ति !

दिगम्बर नासवा said...

तीखे बाणों की तरह अपनी बात मजबूती के साथ रखते हुए छंद हैं सभी ...
गहरी बातों को लिखा है ...

Himkar Shyam said...

वाह, बहुत ख़ूब

D KUMAR said...

बहुत ख़ूब, idhar bhi nazar daliye
Varanasi To Bangkok direct Flight । अब थाईलैंड के पाप सीधे बनारस में धो लीजिये ... read complete