नवरात्र विशेष: माता पार्वती की यह दिव्य स्तुति दूर करेगी हर बाधा, जानें इसका महत्व - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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रविवार, 11 अक्टूबर 2026

नवरात्र विशेष: माता पार्वती की यह दिव्य स्तुति दूर करेगी हर बाधा, जानें इसका महत्व



जय जय गिरिबरराज किसोरी, जय महेश मुख चंद चकोरी...

सनातन संस्कृति में नवरात्रि का पर्व माता शक्ति की आराधना का सबसे पवित्र और ऊर्जावान अवसर माना जाता है। इस पावन बेला में माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के साथ-साथ आदि शक्ति माता पार्वती की वंदना करना विशेष रूप से फलदायी होता है।
महाकवि संत तुलसीदास जी ने अपनी प्रसिद्ध और अनन्य भक्ति रचना 'विनयपत्रिका' में भगवान राम के चरित्र का गान करने से पूर्व देवाधिदेव महादेव, माता पार्वती, श्री गणेश, सूर्य देव और हनुमान जी समेत कई प्रमुख देवी-देवताओं की वंदना की है। विनयपत्रिका में माता पार्वती को समर्पित यह विशेष स्तुति अत्यंत मनमोहक, अलौकिक और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण है।
इस नवरात्रि, संत तुलसीदास जी द्वारा रचित माता पार्वती की इस परम पावन स्तुति को जन-जन तक पहुँचाने और माँ के चरणों में अपनी हाजिरी लगाने का यह एक छोटा सा प्रयास है। आइए, आप भी इस स्तुति का पाठ कर अपने जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का संचार करें:

माता पार्वती जी की स्तुति (विनयपत्रिका से)

जय जय गिरिबरराज किसोरी।
जय महेश मुख चंद चकोरी॥
जय जय गिरिबरराज किसोरी।
जय महेश मुख चंद चकोरी॥
जय गज बदन षडानन माता।
जगत जननि दामिनि दुति गाता॥
नहिं तव आदि मध्य अवसाना।
अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना॥
जय जय गिरिबरराज किसोरी।
जय महेश मुख चंद चकोरी॥
भव भव बिभव पराभव कारिनि।
बिस्व बिमोहिनी स्वबस बिहारिनि॥
पति देवता सुतीय मनि मातु।
घर घर पूजित देव सब ठातु॥
जय जय गिरिबरराज किसोरी।
जय महेश मुख चंद चकोरी॥
असुर संहारक भुज बलु तोरा।
तेंहि बिनु केहि कहं सकल सोरा॥
सोउ महिमा महिमा महि माहीं।
सोउ महिमा महिमा महि जाहीं॥
जय जय गिरिबरराज किसोरी।
जय महेश मुख चंद चकोरी॥

बोलो माता पार्वती जी की जय!
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