तिनकों का आशियाना - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

तिनकों का आशियाना


वही तिनके जो हवा के एक झोंके से बिखर जाते हैं,
हुनरमंद मन की छुअन से टूटकर भी संवर जाते हैं।
कद्र चीज़ों की नहीं, उन्हें परखने वाली नज़र की होती है,
वरना महलों में भी लोग तन्हाइयों में रह जाते हैं।
... कविता रावत 

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