अत्यधिक रगड़ने पर चंदन से भी आग पैदा हो जाती है
कविता रावत
जनवरी 29, 2025
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प्रत्येक अति बुराई का रूप धारण कर लेती है। उचित की अति अनुचित हो जाती है।। अति मीठे को कीड़ा खा जाता है। अति स्नेह मति बिगाड़ देता है।।...
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