प्रेम का विभ्रम
कविता रावत
मई 20, 2012
54
स्वल्प वार्तालाप हुआ, कुछ ही क्षणों का साथ था, न जाने क्या हुआ कि उन्हें, स्वयं पर न विश्वास था। जिसे तटस्थ भाव से देखते आए थे अब तक, उसी...
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