Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona: कल्पतरु
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।
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शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

भ्रष्टाचार आज का कल्पतरु है।

जुलाई 25, 2025 11
सुना है पौराणिक काल में, एक कल्पतरु हुआ करता था, तले बैठ जिसके मानव, मनचाहा फल पाता था। पल में इच्छा पूर्ण होती, जीवन सुख-चैन से भर जाता, ज...
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