चुनावी दंगल और मूषकराज का 'बिल'
कविता रावत
जनवरी 18, 2010
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एक बार जंगल के राजा, शेर ने बैठक एक बुलाई, कहा कि— "साथियो! अब जंगल में, होगी नई भलाई। हम सबको अब चाहिए ऐसा, एक कुशल राजनेता, जिसके पा...
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