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ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शुक्रवार, 5 जून 2026

प्रकृति की आत्मा: पेड़-पौधे और हमारा अस्तित्व

जून 05, 2026 7
हमारा घर चार मंजिला इमारत के भूतल (Ground Floor) पर स्थित है। अमूमन बहुमंजिला इमारतों के भूतल पर रहने वालों को ऊपरी मंजिलों से गिरने वाले क...
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'क' से शुरू होने वाले हिंदी मुहावरों की कविता (भाग-8)

जून 05, 2026 0
चाहे दुनिया से कोसों दूर रहो तुम, या भीड़ में कंधे से कंधा छिले , हिम्मत न हारना जीवन में कभी, चाहे जितने भी काँटे मिलें । मत होने देना खु...
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मंगलवार, 26 मई 2026

आम आदमी पर 'दोहरी मार': तत्काल रेल टिकट और नो-रिफंड नीति पर पुनर्विचार की जरूरत

मई 26, 2026 1
भारतीय रेलवे को हमारे देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जो हर वर्ग के नागरिक को उसकी मंजिल तक पहुँचाती है। लेकिन रेलवे की कुछ नीतियां ऐसी हैं, जो...
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शुक्रवार, 22 मई 2026

तपती गर्मी, बचपन की यादें और एक कालजयी कविता

मई 22, 2026 6
आज जब घर से बाहर कदम रखते ही सूरज की तपिश और लू के थपेड़े बदन को झुलसाने लगते हैं, तो अचानक मन बचपन के उन दिनों में लौट जाता है, जब हम किताब...
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