'क' वर्ण के मुहावरों की अनोखी कविता (2) | हिंदी मुहावरा-माला - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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रविवार, 24 मई 2026

'क' वर्ण के मुहावरों की अनोखी कविता (2) | हिंदी मुहावरा-माला

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कड़ी उठाने' से 'करवट न लेने' तक  जानिए 'क' वर्ण से जुड़े मुहावरों की बेहद खूबसूरत काव्यात्मक रूप।

प्रतिज्ञा कठिन जब कोई लेता, कहते हैं कड़ी उठाना,
कटु वचन सुनाने को कहते, सबको कड़ी सुनाना।
अनुकरण किसी का करने को, कदम पर कदम रखना,
आगे बढ़ने की चाह में, हरदम कदम मारना।

अत्यंत दरिद्रता छा जाना, कफन को कौड़ी न रखना,
कफन को कौड़ी न होना, यानी पास कुछ भी न बचना।
अप्रत्याशित सच कह उठना, कफ़न फाड़ कर बोलना,
मौत से भी न डरना, यानी कफन सिर से बाँधना।

मृत्यु के अत्यंत निकट होना, कब्र में पाँव लटकना
दृढ़ निश्चय से काम में जुटना, अपनी कमर कसना।
काम बंद कर विश्राम करना, यानी अपनी कमर खोलना,
आसरा टूटना, हिम्मत हारना, कमर टूटना बोलना

बेदम होकर थक जाने को, कमर बैठ जाना कहते,
अधिकार-नियंत्रण पास में होना, कमान हाथ में होना कहते।
भाग्य खराब हो जाने को ही, कहते हैं करम फूटना,
करवट न बदलना बेचैनी में, या उदासीन हो करवट न लेना।

... कविता रावत

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