'क' वर्ण के मुहावरों की अनोखी कविता (1) | हिंदी मुहावरा-माला - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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शुक्रवार, 22 मई 2026

'क' वर्ण के मुहावरों की अनोखी कविता (1) | हिंदी मुहावरा-माला


 'ककड़ी के चोर' से 'कड़वा घूँट पीनातक जानिए '' वर्ण से जुड़े मुहावरों की बेहद खूबसूरत काव्यात्मक रूप।

ककड़ी के चोर को कटारी से मारना, छोटी बात पर गुस्सा दिखाना।
अत्याचार से जब कचूमर निकलना, यानी बेहद कष्ट पहुँचाना।
लज्जित करने को कहते हैं हम सब कच्चा करना,
और अत्यधिक क्रोध में किसी को कच्चा खा जाना।

भेद छिपा जो अब तक, उसका कच्चा चिट्ठा खोलना,
अनुभवहीन जो होते हैं, उन्हें कच्ची गोलियां खेलना।
व्यर्थ प्रयास करने को कहते, कच्चे घड़े में पानी भरना,
मान-प्रतिष्ठा की खातिर, अपनों के संग कट मरना।

विवशता के आँसू रोकर, बस कटकर रह जाना,
किसी और के इशारों पर कटपुतली की तरह नचाना।
दुखी हृदय को और दुखाना, कटे पर नमक छिड़कना,
अपमान सहकर चुप रहना, यानी कड़वा घूँट पीना।

... कविता रावत 

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