Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

आई दिवाली आई

अक्तूबर 27, 2016
दशहरा गया दिवाली आई हो गई घर की साफ-सफाई व्हाट्सएप्प और फेसबुक पर लोग देने लगे बधाई आई दिवाली आई खुशियों की सौगात लाई देखकर दुकानें ...
और पढ़ें>>

गुरुवार, 20 अक्तूबर 2016

शनिवार, 1 अक्तूबर 2016

नमक स्वादानुसार नहीं, सेहत अनुसार

अक्तूबर 01, 2016
नमक का स्वाद से जितना गहरा रिश्ता है, उतना ही बीमारियों से भी है। भोजन में इसकी अधिक मात्रा तमाम बीमारियों के लिए न्यौता देना है। एकेडमी...
और पढ़ें>>

सोमवार, 19 सितंबर 2016

सोमवार, 5 सितंबर 2016

गुरुवार, 1 सितंबर 2016

बुधवार, 24 अगस्त 2016

तीन लोक से मथुरा न्यारी यामें जन्में कृष्णमुरारी

अगस्त 24, 2016
मथुरा प्राचीनकाल से एक प्रसिद्ध नगर के साथ ही आर्यों का पुण्यतम नगर है, जो दीर्घकाल से प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का केन्द्र रहा ह...
और पढ़ें>>

शनिवार, 13 अगस्त 2016

सोमवार, 8 अगस्त 2016

हरेक वृक्ष नहीं फलवाला वृक्ष ही झुकता है

अगस्त 08, 2016
एक पक्ष की नम्रता बहुत दिन तक नहीं चल पाती है। एक बार शालीनता छोड़ने पर वह लौटकर नहीं आती है।। दूध में उफान आने पर वह चूल्हे पर जा गिरता ...
और पढ़ें>>

सोमवार, 18 जुलाई 2016

प्रेम नगर की हसीन वादियों में

जुलाई 18, 2016
बच्चों ने स्कूल की किताब में ताजमहल के बारे में क्या पढ़ा कि इस बार गर्मियों की छुट्टियों में उसे देखने की जिद्द पकड़ ली। गर्मी के तीखे ते...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 12 जुलाई 2016

अच्छाई और सद्‌गुण इंसान की असली दौलत होती है

जुलाई 12, 2016
अच्छाई सीखने का मतलब बुराई को भूल जाना होता है। प्रत्येक सद्‌गुण किन्हीं दो अवगुणों के मध्य पाया जाता है।। बहुत बेशर्म बुराई को भी द...
और पढ़ें>>

सोमवार, 13 जून 2016

बुधवार, 8 जून 2016

शनिवार, 4 जून 2016

सोमवार, 30 मई 2016

तम्बाकू ऐसी मोहिनी जिसके लम्बे-चौड़े पात

मई 30, 2016
कभी गांव में जब रामलीला होती और उसमें राम वनवास प्रसंग के दौरान केवट और उसके साथी रात में नदी के किनारे ठंड से ठिठुरते हुए आपस...
और पढ़ें>>