Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शनिवार, 27 मई 2023

ककड़ी चोरी वाले बचपन के दिन

मई 27, 2023 5
इन दिनों हमारे बग़ीचे में ककड़ी, लौकी और तोरई की छोटी-छोटी बेल तो सेम और कद्दू की बड़ी बेलें फ़ैल रही हैं। इन सभी के बीज हमने गांव से मँगवाकर बो...
और पढ़ें>>

बुधवार, 26 अप्रैल 2023

रविवार, 23 अप्रैल 2023

सोमवार, 3 अप्रैल 2023

शुक्रवार, 17 मार्च 2023

रविवार, 26 फ़रवरी 2023

गेहूँ-चने से भरे-लदे खेतों में एक दिन

फ़रवरी 26, 2023 36
प्रकृति की गोद में सुकून के दो पल: एक अनूठा ग्रामीण संस्मरण बच्चों के सिर से परीक्षा का बोझ उतरा, तो उन्होंने चैन की बंसी बजाई और उनके स...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023

सोमवार, 23 जनवरी 2023

सोमवार, 26 दिसंबर 2022

लोकोक्तियों की कविता : भूमिका - डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’

दिसंबर 26, 2022 2
लोकोक्तियों से कविता की रचना करना एक दुष्कर कार्य होता है :   डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’ ***** अपने चौहत्तर साल के जीवन में मैंने यह देखा...
और पढ़ें>>

गुरुवार, 22 दिसंबर 2022

लघु भारत प्रदर्शनी

दिसंबर 22, 2022 3
विविधता में एकता हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है। यह विश्व में सबसे प्राचीन सभ्यता का एक ऐसा जाना-माना देश है, जहाँ पुरातन काल से ही कई प्...
और पढ़ें>>

शनिवार, 17 दिसंबर 2022

भोजपाल महोत्सव मेला

दिसंबर 17, 2022 9
भोजपाल महोत्सव मेले का आयोजन भेल दशहरा मैदान गोविन्दपुरा, भोपाल में हर वर्ष नवंबर से दिसंबर माह में विगत 7 वर्ष से भेल जनसेवा समिति, भोपाल ...
और पढ़ें>>

गुरुवार, 8 दिसंबर 2022

तुम हां तुम

दिसंबर 08, 2022 10
तुम हां तुम हो... तुम हां तुम हमारे सपनों में आने वाले तुम हां तुम तुम ही हो चांद तुम ही हो सितारे तुम जो मुस्कुरा दो तो खुशियां भर द...
और पढ़ें>>

शनिवार, 3 दिसंबर 2022

भोपाल गैस त्रासदी की याद

दिसंबर 03, 2022 13
आज वर्ष 1984 में भोपाल में हुई विश्व की सबसे भीषण औद्योगिक त्रासदी की 38वीं बरसी है। इस त्रासदी में हज़ारोँ की संख्या में जान गँवाने वाले मृत...
और पढ़ें>>

क्या आपको यह रचना पसंद आई?

ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: