गढ़वाली लोकगीत : हे बासंती बयारी
कविता रावत
अक्टूबर 28, 2026
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हे बासंती बयारी... हे मेरी ह्वेरी बयारी! हिया की दबी पीर कुण बतौणु, तेरी खामोश्यों सब कुछ कहि जाणु! डाँडा-कथारा मा बुराँश फूलां, आओ दगड़्या,...
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