घौर बौड़ि आ, बेटा! | पलायन की पीड़ा और अपनों का इंतज़ार
कविता रावत
अप्रैल 23, 2026
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" हमारा यह गीत उत्तराखंड के उन अनकहे दर्दों को शब्दों में पिरोने का एक प्रयाय है, जो पलायन और टूटते परिवारों की गूँज बन चुके हैं। ...
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