Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

Recent Posts

रविवार, 9 जून 2024

शुक्रवार, 7 जून 2024

दूध का जला छाछ को फूँक-फूँक कर पीता है। लोकोक्तियों की कविता।

जून 07, 2024
गर्म पानी से झुलसा कुत्ता ठण्डे पानी से भी डरता है चूने से मुँह जले वाले को दही देखकर डर लगता है रीछ से डरा आदमी कंबल वाले को देख डर ज...
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बुधवार, 5 जून 2024

रविवार, 2 जून 2024

गुरुवार, 16 मई 2024

शनिवार, 11 मई 2024

अब मैं वह दिल की धड़कन कहाँ से लाऊंगा। Mother's day

मई 11, 2024
  जब-जब भी मैं तेरे पास आया तू अक्सर मिली मुझे छत के एक कोने में चटाई या फिर कुर्सी में बैठी बडे़ आराम से हुक्का गुड़गुड़ाते हुए तेरे हुक्के...
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सोमवार, 6 मई 2024