गुरुवार, 8 जनवरी 2026
सोमवार, 5 जनवरी 2026
वे हथेली पर सरसों उगाने चले हैं। गीत
कविता रावत
जनवरी 05, 2026
0
वे जो बड़े नाजो-नखरों से पले हैं, वे हथेली पर सरसों उगाने चले हैं। न मंज़िल का पता है, न खुद की खबर है, बस चले जा रहे हैं, चले जा रहे हैं। क...
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शुक्रवार, 2 जनवरी 2026
रेत की बुनियाद। गजल
कविता रावत
जनवरी 02, 2026
3
रास्तों का इल्म है, न रहगुज़र का पता है, मगर हर शख्स को ऊंचाइयों का नशा है। वे जो बड़े नाज़ों-नखरों से पले हैं, हथेली पर सरसों उगाने चले हैं...
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मंगलवार, 30 दिसंबर 2025
नूतन वर्ष: एक संकल्प
कविता रावत
दिसंबर 30, 2025
0
नूतन वर्ष का संकल्प यही, स्वदेशी की लौ जगे हर कहीं। भारत का गान गूंजे जग में, अपनत्व रहे सदा मन में। स्वदेशी की लौ जगे, हर घर के द्वार पर, अ...
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शनिवार, 27 दिसंबर 2025
नव वर्ष मंगल गान। ऐसा हो नूतन वर्षाभिनंदन
कविता रावत
दिसंबर 27, 2025
0
कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन हर घर आँगन खुशियाँ छाएँ, झूमे सारा आँगन, कुछ ऐसा हो नूतनवर्षाभिनंदन। न रहे बैर, न रहे द्वेष, टूटे जात की बेड़ी, नफ...
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गुरुवार, 25 दिसंबर 2025
क्रिसमस, महामना मालवीय और अटल जी का जन्मदिवस
कविता रावत
दिसंबर 25, 2025
16
भारत में जैसे होली, दीपावली और दशहरा जैसे पर्व उल्लासपूर्वक मनाए जाते हैं, वैसे ही ईसाई धर्मावलंबी 25 दिसम्बर को ईसा मसीह के जन्मदिवस को क...
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मंगलवार, 23 दिसंबर 2025
राष्ट्र का स्वाभिमान: सैनिक। गौरव गान
कविता रावत
दिसंबर 23, 2025
0
शिखर हिमालय की गोदी हो, या तप्त मरुस्थल की धारा, जिसके दम पर सुरक्षित रहता, देश का कोना-कोना सारा। तन पर वर्दी, मन में भारत, आँखों में अंगार...
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शनिवार, 13 दिसंबर 2025
कंडाली रे कंडाली | पहाड़ों का अमृत गीत
कविता रावत
दिसंबर 13, 2025
3
अरे सुनो सुनो रे भाई, कंडाली की बात, पहाड़ों से आई बीज, भोपाल में हुई सौगात। कंडाली सिसूण, औषधि का खजाना, विटामिन, आयरन, सेहत का बहाना। कोदो...
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शनिवार, 6 दिसंबर 2025
विश्व की सबसे बड़ी तुलसी - 12 फीट ऊँची हमारे बगीचे में । Tallest Basil Plant
कविता रावत
दिसंबर 06, 2025
2
शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब लोग हमारे घर के बाहर के बाग-बगीचे की हरियाली देखकर ठहर जाते हैं और उसमें लगे औषधीय पौधों पर चर्चा करते हैं...
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मंच पर जीवंत संवाद: नाटक 'पुरुष' का अनुभव
कविता रावत
दिसंबर 06, 2025
2
फिल्म हो या टीवी सीरियल उन्हें देख मुझे कभी भी वह आत्मतृप्ति नहीं मिलती, जितनी किसी थिएटर में मंचित नाटक को देखकर मिलती है। कारण स...
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गुरुवार, 4 दिसंबर 2025
गढ़वाली लोकगीत – किंगोड़ा री बाड़ी मा उजाला
कविता रावत
दिसंबर 04, 2025
2
किंगोड़ा री बाड़ी मा, फूल-फल खिल्या रंगीला, , खट्टा-मीठा स्वाद लगदा, जीवन मा भरदा उजाला। दारुहल्दी री जड़ि मा, औषधि री शक्ति बसि, रोग-दुख ...
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हमने उगाया बगीचे में उत्तराखंड का बहुमूल्य औषधीय पौधा किंगोड़ा (दारुहल्दी)
कविता रावत
दिसंबर 04, 2025
4
हमारे लिए यह गर्व और आनंद का क्षण है कि हमने पहली बार अपने भोपाल स्थित बगीचे में उत्तराखंड का बहुमूल्य औषधीय पौधा किंगोड़ा (स्थानीय बोली मे...
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बुधवार, 3 दिसंबर 2025
भोपाल गैस त्रासदी स्मृति गीत
कविता रावत
दिसंबर 03, 2025
1
आधी रात का वह मंजर, आँखों में थी जलन भारी। सिसकियों से गूँजा घर-घर, गैस ने जीवन था हारी। भोपाल रोया, भोपाल टूटा, जहरीली गैस ने जीवन लूटा। ...
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मंगलवार, 2 दिसंबर 2025
तुलसी माता वंदन करूँ, हरि चरणों में गाऊँ
कविता रावत
दिसंबर 02, 2025
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तुलसी माता वंदन करूँ, हरि चरणों में गाऊँ, औषधि रूपी अमृत बनकर, जीवन को सुख पाऊँ। वन तुलसी ब्रह्म तुलसी, कठेरक नाम तुम्हारा, रामा-श्यामा से ब...
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भजन : तुलसी वंदना,
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गुरुवार, 27 नवंबर 2025
जन्मदिन का बाल गीत
कविता रावत
नवंबर 27, 2025
5
जन्म दिवस जब मेरा आता, फूल खुशी के झरते। पापा पूछ-पूछ कर मुझसे, सारे काम सँवरते। सुबह-सुबह दादी जगाती, देती प्यारी पुच्ची। बाबा आशीषों की वर...
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गुरुवार, 20 नवंबर 2025
मां की ममता : एक गीत, एक एहसास
कविता रावत
नवंबर 20, 2025
0
जब-जब भी मैं तेरे पास आया, छत के कोने में तुझे ही पाया। चटाई पर या कुर्सी में बैठी, हुक्का गुड़गुड़ाते तू मुझे दिखी। तेरे हुक्के की गुड़गुड़...
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शुक्रवार, 14 नवंबर 2025
धरती आबा बिरसा: जन-जन का अमर सेनानी
कविता रावत
नवंबर 14, 2025
1
धरती आबा! जय हो बिरसा! जन-जन के मन में तू ही बसा! जय बिरसा! जय बिरसा! तेरा नाम अमर रहेगा! धरती पर उपकार सदा रहेगा! खूंटी की माटी ने पाला सं...
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सोमवार, 10 नवंबर 2025
हर आँसू बने अब मशाल
कविता रावत
नवंबर 10, 2025
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मगर, रुकना मुमकिन नहीं, ये हक़ की जंग आसान नहीं। हर आँसू बने अब मशाल, हर पीड़ा बने एक सवाल। उठो! कि अब भी वक्त है, बदलाव की यह दस्तक है! जब ...
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रविवार, 9 नवंबर 2025
देवभूमि उत्तराखंड गौरव गान
कविता रावत
नवंबर 09, 2025
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गढ़वाल-कुमाऊं दो दीप सरीखे, हिमगिरि की गोद में बसे हैं। उत्तर भारत की पुण्य धरा पर, देवभूमि के स्वर रस घुले हैं। नंदा देवी शिखर की ऊंचाई, गं...
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शिक्षक : ज्ञान दीप जो जलाते हैं
कविता रावत
नवंबर 09, 2025
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ज्ञान दीप जो जलाते हैं, जीवन पथ दिखलाते हैं। कठिन विषय भी सहज बनाकर, बुद्धि को चमकाते हैं।, हर दिन देते अभ्यास नया, उत्तर भी जांच दिखाते हैं...
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बुधवार, 5 नवंबर 2025
गुरु नानक, तू प्रकाश की राह दिखाने वाला
कविता रावत
नवंबर 05, 2025
1
गुरु नानक, तू प्रकाश की राह दिखाने वाला, हिन्दू-मुस्लिम एक कहे, प्रेम का दीप जलाने वाला। तेरे लंगर में बैठ सभी, जात-पात को भूलें, तेरे सबद...
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रविवार, 2 नवंबर 2025
जय जय प्यारा मध्यप्रदेश, हृदय देश का मध्यप्रदेश : महेश सक्सेना
कविता रावत
नवंबर 02, 2025
3
जय-जय प्यारा मध्यप्रदेश! हृदय देश का मध्यप्रदेश। शांति और भाईचारे में, सुन्दर अपना मध्यप्रदेश! भारत के बीचों बीच बसा, हृदय देश का मध्यप्रदे...
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शनिवार, 1 नवंबर 2025
मध्यप्रदेश की माटी बोले : मध्यप्रदेश गौरव गीत
कविता रावत
नवंबर 01, 2025
3
मध्यप्रदेश की माटी बोले, सुनो प्रेम के गीत, हृदय प्रदेश की धड़कन में, बसी है हर प्रीत। माटी बोले, पग धरे बोले, नर्मदा की धार, भीमबेटका की गु...
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"शब्दों में जीवन, भावों में समाज — कविता, कथा और प्रकृति के स्पंदन से जागृत होती है संवेदना की सेवा।"।
