NEW गढ़वाली लोकगीत: तेरु घर कु अमणी-समणी
कविता रावत
अक्टूबर 30, 2026
0
अरे... हे... तेरु घर कु अमणी-समणी, काश! हुन्दु एक घर मयारू! देखि जांदी जौं एक झलक तेरी, हर दिन ह्वे जांदु नौ सवेरू... हे... ह्वे जांदु नौ सव...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: