होता नित नया सवेरा....
कविता रावत
फ़रवरी 03, 2013
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यदि तेरे घर के आस-पास होता घर मेरा दिख जाती इक झलक तेरी होता नित नया सवेरा पक्षीगण भी चहक-चहक कर गाते गीत अनुराग भरे संग उनक...
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