हम भाँति-भाँति के पंछी हैं
कविता रावत
जनवरी 25, 2016
29
हम भाँति-भाँति के पंछी हैं पर बाग़ तो एक हमारा है वो बाग़ है हिन्दोस्तान हमें जो प्राणों से भी प्यारा है हम हम भाँति-भाँति के पंछी ……………...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: