गढ़वाली लोकगीत – किंगोड़ा री बाड़ी मा उजाला
कविता रावत
दिसंबर 04, 2025
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किंगोड़ा री बाड़ी मा, फूल-फल खिल्या रंगीला, , खट्टा-मीठा स्वाद लगदा, जीवन मा भरदा उजाला। दारुहल्दी री जड़ि मा, औषधि री शक्ति बसि, रोग-दुख ...
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