कात्यायनी माता। मां दुर्गा का षष्ठम स्वरूप।
कविता रावत
सितंबर 27, 2025
5
जय जय जय कात्यायनी माता, षष्ठम रूप में तुम हो विधाता। महर्षि की तुम पुत्री कहलाई, दुष्टों का तुमने संहार कराई। खड्ग हाथ में, कमल सोहे, सिंह ...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: