मां की ममता : एक गीत, एक एहसास
कविता रावत
नवंबर 20, 2025
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जब-जब भी मैं तेरे पास आया, छत के कोने में तुझे ही पाया। चटाई पर या कुर्सी में बैठी, हुक्का गुड़गुड़ाते तू मुझे दिखी। तेरे हुक्के की गुड़गुड़...
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