Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

गुरुवार, 30 जनवरी 2014

विवशता में फायदे का सौदा नहीं किया जा सकता है

जनवरी 30, 2014
विवशता की हालत में कोई नियम लागू नहीं होता है। कीचड़ में फँसे हाथी को कौआ भी चोंच मारता है।। कुँए में गिरे शेर को बंदर भी आँखे...
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सोमवार, 13 जनवरी 2014

गुलाबों के साथ एक शाम

जनवरी 13, 2014
मध्यप्रदेश रोज सोसायटी संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी की ओर से बीते रविवार को जब मैं सपरिवार भोपाल स्थित शासकीय गुलाब उद्यान ...
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बुधवार, 1 जनवरी 2014

मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

गुरुवार, 21 नवंबर 2013

शनिवार, 17 अगस्त 2013

सावन के झूले और उफनते नदी-नाले

अगस्त 17, 2013
ग्रीष्मकाल आया तो धरती पर रहने वाले प्राणी ही नहीं अपितु धरती भी झुलसने लगी। खेत-खलियान मुरझाये तो फसल कुम्हालाने लगी। घास सूखी तो फूलों...
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गुरुवार, 1 अगस्त 2013

घर से बाहर एक घर ||Ghar se Bahar ek Ghar|

अगस्त 01, 2013
हिन्दी साहित्य के प्रति मेरा रूझान बचपन से रहा है। बचपन में जब पाठशाला जाने से पहले दूसरे बच्चों की तरह हम भी घर में धमा-चौकड़ी मचाते हु...
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गुरुवार, 6 जून 2013

शनिवार, 1 जून 2013

शनिवार, 18 मई 2013