'आ' के मुहावरों की काव्य-धारा
कविता रावत
मई 12, 2026
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जब आसमान पर दिमाग चढ़ा हो , इंसान आपे से बाहर होता है, बिना सोचे-समझे जो बोले, वह आधा तीतर आधा बटेर होता है। व्यर्थ ही आसमान पर थूकने से, ख...
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