पहाड़ों का प्रहरी : चीड़
कविता रावत
मार्च 05, 2026
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नीले अंबर के तले, पहाड़ों की गोद में, खड़ा है एक प्रहरी, अपनी ही मौज में। जब तपती है धरती और चुभती है धूप, चीड़ की छांव निखारे, प्रकृति का र...
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