संत कबीर के गुरु विषयक बोल
कविता रावत
जुलाई 09, 2017
11
गु अँधियारी जानिये, रु कहिये परकाश । मिटि अज्ञाने ज्ञान दे, गुरु नाम है तास ॥ जो गुरु को तो गम नहीं, पाहन दिया बताय । शिष शोधे बिन से...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: