वह पेड़ कभी टूटता नहीं जो लचकदार होता है
कविता रावत
मार्च 07, 2025
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एक पक्ष की नम्रता बहुत दिन तक नहीं चल पाती है। एक बार शालीनता छोड़ी तो वह लौटकर नहीं आती है।। दूध में उफान आने पर वह चूल्हे पर जा गिरता ह...
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