अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है
कविता रावत
जून 14, 2025
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बैल को सींग और आदमी को उसकी जबान से पकड़ा जाता है। अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।। तूफान के समय की शपथें ...
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