हो तेरे द्वार खड़े गणराज हो दे दे अब तो दर्शन आज
कविता रावत
अगस्त 26, 2025
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हो तेरे द्वार खड़े गणराज हो दे दे अब तो दर्शन आज हो तेरी मूरत को ही निहारी जाऊं मैं हो तेरी भोली सूरत पे वारी जाऊं मैं।। गजानन नैना तेरे निर...
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