गूँजा जैसे ही 'जयकारा', टूटा शिव का चाप, धमक उठे तब परशुराम जी, तजकर अपना ताप
कविता रावत
सितंबर 29, 2026
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रामलीला का वो आँगन, वो बचपन की यादें, सीता-स्वयंवर देखने की, मन की वो मुरादें। गूँजा जैसे ही 'जयकारा', टूटा शिव का चाप, धमक उठे तब प...
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