नियति का क्रूर प्रहार और हमारी मानवीय संवेदनशीलता: एक मार्मिक अपील
कविता रावत
जुलाई 05, 2018
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" सदा न फूले तोरई, सदा न सावन होय, सदा न जीवन थिर रहे, सदा न जीवै कोय।" सृष्टि का यह शाश्वत नियम है कि यहाँ न तो सदा सावन रहता ह...
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