Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

बुधवार, 17 सितंबर 2025

रविवार, 14 सितंबर 2025

शनिवार, 13 सितंबर 2025

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

शनिवार, 6 सितंबर 2025

जगत के आदि कारण श्री गणेश जी की वंदना

सितंबर 06, 2025 0
उन एकदन्त गणेश की हम शरण में जाते हैं जो गणेश अनन्त चेतनरूप हैं, भेद अभेद रहित सृष्टि के आदि कारण हैं उन एकदन्त गणेश की हम शरण में जाते है...
और पढ़ें>>

बुधवार, 3 सितंबर 2025

एकदंत गजानन का नित जाप करो ध्यान धरो

सितंबर 03, 2025 0
उन एकदंत गजानन का, नित जाप करो ध्यान धरो जो प्रथम पूज्य गणराज, निर्विघ्न करते सब काज उन एकदंत गजानन का, नित जाप करो ध्यान धरो नित जाप करो ध्...
और पढ़ें>>

हे गणेश! हमें अभय का वर देना श्रीगणेश जन्मोत्सव। Ganeshotsava

सितंबर 03, 2025 22
'हे गणेश ! हे हेरम्ब ! हे गजानन ! हे लम्बोदर ! हे स्वानुभव प्रकाशित होने वाले। हे श्रेष्ठ । हे सिद्धि प्रियतम । हे बुद्धिनाथ। हमें अभय ...
और पढ़ें>>

रविवार, 31 अगस्त 2025

तुमको भजते त्रिलोकी नाथ, हे नाथों के नाथ

अगस्त 31, 2025 1
तुमको भजते त्रिलोक के नाथ, तुम नाथों के भी हो नाथ निर्विघ्न करना सदा मेरे सब काज हे विघ्नराज गणराज निर्विघ्न करना सदा मेरे सब काज त्रिपुरासु...
और पढ़ें>>

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

आरती श्री गणपति की मैं गाऊँ

अगस्त 29, 2025 4
सब जग का जिसे कारण पाऊं आरती श्री गणपति की मैं गाऊँ। स्वनंदेश परब्रह्म कहाए दर पे जिसके सब शीश नवाए, सब के हृदय में जिसको पाऊं आरती उस गणपति...
और पढ़ें>>

बुधवार, 27 अगस्त 2025

जै मयूरेश गणेश नमन वंदन : कविता रावत

अगस्त 27, 2025 5
जै मयूरेश गणेश नमन वंदन, हो तुम अन्तर्यामी विघ्नहारी जै मयूरेश गणेश नमन वंदन, हो तुम अन्तर्यामी विघ्नहारी दैत्य नाशक नाना रूप धारक, सृष्टिपा...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 26 अगस्त 2025

सोमवार, 25 अगस्त 2025

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025

हे श्रीविनायक! तुमको मेरा बार-बार नमस्कार है

अगस्त 22, 2025 0
हे सर्वलोकेश्वर सर्वलोकाधार श्रीविनायक तुम निखिल सृष्टि कर्ता, संहारक तुमको मेरा बार-बार नमस्कार है हे प्रभो तुम्हीं भक्त पाश नष्ट कर्ता हो ...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 19 अगस्त 2025

अंतिम यात्रा: एक मौन संघर्ष

अगस्त 19, 2025 51
न देखो उन बुझते हुए दीपों को, अभी तो इनमें लौ का शेष रहना बाकी है; न थामो उन उखड़ती हुई सांसों को, अभी तो इन्हें कुछ और मील चलना बाकी है। ज...
और पढ़ें>>

शुक्रवार, 15 अगस्त 2025

गुरुवार, 14 अगस्त 2025

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

जल जीवन मिशन आज और कल, पहुंचे हर घर नल से जल

जुलाई 25, 2025 0
जल जीवन मिशन आज और कल उद्देश्य इसका सुरक्षित नियमित पेयजल हर गांव पहुंचे हर घर नल से जल हर घर नल से जल हर गांव घर कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन...
और पढ़ें>>

भ्रष्टाचार आज का कल्पतरु है।

जुलाई 25, 2025 11
सुना है पौराणिक काल में, एक कल्पतरु हुआ करता था, तले बैठ जिसके मानव, मनचाहा फल पाता था। पल में इच्छा पूर्ण होती, जीवन सुख-चैन से भर जाता, ज...
और पढ़ें>>

सोमवार, 21 जुलाई 2025

उन श्रीमहादेव का नित स्मरण करो जो जगत के रक्षक हैं

जुलाई 21, 2025 0
उन श्रीमहादेव का नित स्मरण करो जो जगत के रक्षक हैं पापों का नाश करने वाले हैं गजराज चर्म पहने हुए जिनके जटाजूट गंगा खेल रही है उन श्रीमहादेव...
और पढ़ें>>

गुरुवार, 17 जुलाई 2025

जब उमड़-घुमड़ बरसे बदरा तब मनमोहक बनती डाली-डाली

जुलाई 17, 2025 10
मुरझाये पौधे भी खिल उठते जब उमड़-घुमड़ बरसे पानी। अहा! इन बादलों की देखो अजब-गजब की मनमानी।। देख बरसते बादलों को ऊपर पेड़-पौधे खिल-खिल उठते हैं...
और पढ़ें>>

क्या आपको यह रचना पसंद आई?

ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: