आओ मिलकर दीप जलाएं, तिमिर धरा का दूर भगाएं
कविता रावत
अक्टूबर 17, 2025
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आओ मिलकर दीप जलाएं, आओ मिलकर दीप जलाएं, तिमिर धरा का दूर भगाएं। मिट जाए हर कोना सूना, कोई द्वार न शेष रहे, अंतर्मन के उपवन में, अब कोई क्ल...
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