आरती श्री गणपति की मैं गाऊँ
कविता रावत
अगस्त 29, 2025
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सब जग का जिसे कारण पाऊं आरती श्री गणपति की मैं गाऊँ। स्वनंदेश परब्रह्म कहाए दर पे जिसके सब शीश नवाए, सब के हृदय में जिसको पाऊं आरती उस गणपति...
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