आत्म-बोध: संभल कर चलना
कविता रावत
नवंबर 23, 2010
51
इससे पहले कि मर्यादा तज, कोई तुम से 'तू' पर आए, या मन बहलाने का साधन, कोई तुमको समझ जाए, संभल जाना ! इससे पहले कि मीठी बातों में, को...
और पढ़ें>>
क्या आपको यह रचना पसंद आई?
ऐसी ही और रचनाओं के लिए मुझसे जुड़ें: