Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

शनिवार, 19 मार्च 2011

जल बिन भर पिचकारी कैसे खेलें होली ........

मार्च 19, 2011
बच्चों की परीक्षा समाप्ति के दो दिन बाद ही परिणाम भी। और फिर होली के दूसरे दिन से ही नए सत्र का आरंभ, मतलब भागम-भागम नहीं तो और क्या! स...
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बुधवार, 2 मार्च 2011

प्रभु! अपना तो कैलाश ही भला.....

मार्च 02, 2011
सभी ब्‍लागर साथियों और सुधि पाठकों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें। इन दिनों आप  सबके ब्लॉग पर न आ पाने  के लिए क्षमा चाहती ह...
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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

मंगलवार, 25 जनवरी 2011

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

सोमवार, 27 दिसंबर 2010

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

वह रहने लगा है दूर परदेश कहीं

दिसंबर 13, 2010
सुन्दर मनमोहक गाँव में बसा एक छोटा सा घर था जिसका खेती-बाड़ी  कर पढ़ना-लिखना ही तब मुख्य लक्ष्य था उसका खेलने-कूदने की फुरसत नहीं उसे ...
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मंगलवार, 30 नवंबर 2010

मंगलवार, 23 नवंबर 2010

शनिवार, 13 नवंबर 2010

रविवार, 31 अक्तूबर 2010

गुरुवार, 21 अक्तूबर 2010

मरना आसान लेकिन जीना बहुत कठिन है

अक्तूबर 21, 2010
पिछले सप्ताह एक के बाद एक तीन निकट सम्बन्धियों के मृत्यु समाचार से मन बेहद व्यथित है. कभी घर कभी बाहर की दौड़-भाग के बीच दिन-रात कैसे गुज...
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सोमवार, 4 अक्तूबर 2010

गुरुवार, 30 सितंबर 2010

दुष्ट प्रवृत्ति वालों को उजाले से नफरत होती है

सितंबर 30, 2010
एक जगह पहुंचकर अच्छे और बुरे में बहुत कम दूरी रह जाती है इने-गिने लोगों की दुष्टता सब लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है ! दुष्ट   प्रवृत्त...
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रविवार, 26 सितंबर 2010

अपनेपन की भूल

सितंबर 26, 2010
जिन्हें हम अपना समझते हैं गर आँखों में उनकी झाँककर देखते हैं तो दिखता क्यों नहीं हरदम आँखों में उनके पहला सा प्यार? एक पल तो सब अपने से...
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शनिवार, 18 सितंबर 2010

शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

गणेशोत्सव : सबको भाता गणपति बप्पा

सितंबर 10, 2010
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू १० दिवसीय ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के प्रथम पूज्य देव गणेश जी के जन्मोत्सव का बड़ों को ह...
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शनिवार, 4 सितंबर 2010

कौन हो तुम

सितंबर 04, 2010
कौन हो तुम! पहले पहल प्यार करने वाली शीत लहर सी सप्तरंगी सपनों का ताना-बाना बुनती चमकती चपला सी शरद की चांदनी सी गुलाब की पंखुड़ियों...
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रविवार, 15 अगस्त 2010

बचपन के स्वत्रंत्रता दिवस का वह एक दिन

अगस्त 15, 2010
शहर की महज औपचारिक दिशा की और निरंतर अग्रसर होती स्वत्रंत्रता दिवस की एक दिवसीय चकाचौध के बीच बचपन में गाँव के स्कूल में मनाये जाने वाले...
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रविवार, 8 अगस्त 2010

रविवार, 1 अगस्त 2010

शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

सोमवार, 7 जून 2010

मंगलवार, 1 जून 2010

शनिवार, 15 मई 2010

शनिवार, 8 मई 2010

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

मत भरो शूलों से दामन अपना

अप्रैल 23, 2010
कभी वक्त ने करके मजबूर जिन्हें कर दिया जुदा गुजरे पलों को जिसने ख़ामोशी से दिल में सहेज लिया उनसे ही सीखा सबक प्यार का दुनिया वालों ने जि...
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