Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

गुरुवार, 17 जुलाई 2025

जब उमड़-घुमड़ बरसे बदरा तब मनमोहक बनती डाली-डाली

जुलाई 17, 2025 10
मुरझाये पौधे भी खिल उठते जब उमड़-घुमड़ बरसे पानी। अहा! इन बादलों की देखो अजब-गजब की मनमानी।। देख बरसते बादलों को ऊपर पेड़-पौधे खिल-खिल उठते हैं...
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बुधवार, 16 जुलाई 2025

उस भोलेनाथ का पाठ जाप करो जो काशीपति विश्वनाथ कहलाते हैं

जुलाई 16, 2025 0
उस भोलेनाथ का पाठ जाप करो जो काशीपति विश्वनाथ कहलाते हैं जिनकी गंगा लहरों सम सुंदर जटाएं हैं जिनके वामभाग पार्वती सुशोभित है नारायण के जो अत...
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बुधवार, 9 जुलाई 2025

सोमवार, 7 जुलाई 2025

माटी की मूरत

जुलाई 07, 2025 18
मुट्ठी भर गीली मिट्टी ले, मन में एक विचार जगा, सोचा, गढ़ूँ एक ऐसी मूरत, जिसमें अपना स्वप्न लगा। ढालूँ उसे समर्पण से मैं, डूबूँ उसमें इस कदर, ...
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रविवार, 6 जुलाई 2025

भले किसी के गाय-बकरी चराना। Latest hindi song

जुलाई 06, 2025 0
भले कच्चा-पक्का, रुखा-सूखा खाना भले जैसे तैसे करके घर तू चलाना  भले किसी की गाय-बकरी चराना मगर मेरे भाई दारु नहीं पीना ये दारु घर में झगड़ा क...
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शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

सोमवार, 30 जून 2025

गूगल स्तुति : गूगल की महिमा पर विशेष हिंदी कविता। Google Baba

जून 30, 2025 79
सबके प्यारे, ज्ञान के सागर, गूगल बाबा।  सारे जग से न्यारे, सुख के गागर, गूगल बाबा। भटके को राह दिखाते तुम, अंधियारा दूर भगाते तुम,  वसुधै...
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शुक्रवार, 27 जून 2025

मंगलवार, 24 जून 2025

मगर म्यारू भुल्ला दारू नि पेई || New Uttarakhandi latest Song ||

जून 24, 2025 4
भले काचू पाकू रूखु सूखू खैई भले जनि तनि करि घर तू चलैई भले कैका गोरू बकरा चरैई मगर म्यारू भुल्ला दारू नि पेई यु दारू त घर मा झगड़ा करांद फेफड़...
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गुरुवार, 19 जून 2025

जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ नहीं होती। हिंदी गजल

जून 19, 2025 138
जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ न होतीं, हौसलों पर हमारे फिर ये हैरानियाँ न होतीं। रख भी सकता था वो मुझको दिल के मकां में अपने, मुमकिन है ...
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शनिवार, 14 जून 2025

कम से कम सामान रखना, जिन्दगी आसान रखना

जून 14, 2025 0
कम से कम सामान रखना जिन्दगी आसान रखना । फिक्र औरों की है लाजिम पहले अपना ख्याल रखना।। हर कोई कतरा के चल दे नहीं ऐसा अभिमान करना। भीड़ में घु...
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अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है

जून 14, 2025 20
बैल  को  सींग और आदमी  को उसकी  जबान से  पकड़ा  जाता  है। अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।। तूफान  के  समय की शपथें ...
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शुक्रवार, 13 जून 2025

गुरुवार, 29 मई 2025

बुधवार, 28 मई 2025

तम्बाकू/धूम्रपान कई रोगों की जड़ है

मई 28, 2025 14
तम्बाकू/धूम्रपान जनित कुछ प्रमुख रोगों के बारे में जानिए और  आज ही छोड़ने का संकल्प कीजिए  कैंसर:  तम्बाकू के धुएं से उपस्थित बेंजपाए...
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शुक्रवार, 23 मई 2025

परिश्रम में कोई कमी न हो तो कुछ भी कठिन नहीं होता है

मई 23, 2025 23
सोए हुए भेड़िए के मुँह में मेमने अपने आप नहीं चले जाते हैं। भुने   हुए   कबूतर   हवा   में  उड़ते  हुए  नहीं  पाए  जाते  हैं।। सोई लो...
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गुरुवार, 22 मई 2025

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