जब उमड़-घुमड़ बरसे बदरा तब मनमोहक बनती डाली-डाली
कविता रावत
जुलाई 17, 2025
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मुरझाये पौधे भी खिल उठते जब उमड़-घुमड़ बरसे पानी। अहा! इन बादलों की देखो अजब-गजब की मनमानी।। देख बरसते बादलों को ऊपर पेड़-पौधे खिल-खिल उठते हैं...
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