आयो रे बसंत देखो, खुशियाँ अपार लेके
कविता रावत
जनवरी 23, 2026
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आयो रे बसंत देखो, खुशियाँ अपार लेके, हो... खुशियाँ अपार लेके! प्रकृति खड़ी है द्वारे, खुशबू का हार लेके, सखी! खुशबू का हार लेके! ऋतुराज का अभ...
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